गुलमर्ग के निकट
बर्फ धसकने से फंसे सेना के
जवानों को बचाने के लिये चलाये
जा रहे राहत अभियान को अधिकारियों
ने सोमवार शाम को बंद कर दिया
है. इस घटना में थलसेना के 17 जवानों
और एक लेफ्टिनेन्ट की मौत हो
गई है हालांकि वहां फंसे अन्य
सभी लोगों को बचा लिया गया है.
भारतीय समाचार
चैनलों में दिखाया गया है बचाये
गये लोगों में से 16 की हालत अभी
भी गंभीर बनी हुई है. इन लोगों
की हड्डियां कई जगह से टूटी
हुई हैं.
ये दुर्घटना उस
समय हुई जब प्रसिद्ध पर्यटक
स्थल गुलमर्ग के पास एक स्कॉई
रिज़ार्ट खिलनमार्ग हिम स्खलन
की चपेट में आ गई. हिमस्खलन ने
कश्मीर में 9 हजार फुट की ऊंचाई
पर बने सेना के पहाड़ी युद्ध
प्रशिक्षण केंद्र को भी अपनी
चपेट में ले लिया.
जिस समय हिमस्खलन
आया उस समय थलसेना के 60 सैनिकों
की टुकड़ी धुप अंधेरे में बर्फ
की दीवारों पर चढ़ने का अभ्यास
कर रही थी जो इसके चपेट में आ
गयी.